भाजपा शासित एमसीडी ने ब्रिज में अबतक 87 करोड़ खर्च लेकिन अभी तक तैयार नहीं : बृजेश पाठक

 भाजपा शासित एमसीडी ने ब्रिज में अबतक 87 करोड़ खर्च लेकिन अभी तक तैयार नहीं : बृजेश पाठक

आम आदमी पार्टी के विधायक बृजेश पाठक ने भाजपा शासित एमसीडी पर आरोप लगाते हुए कहा कि राजधानी दिल्ली में 2006 में एमसीडी के द्वारा 55 करोड़ की लागत से  पुल बनाने का सेक्शन किया गया था लेकिन 87 करोड़ खर्च करने के बाद भी 2022 में भी अभी तक पूरा नहीं हुआ है। बृजेश पाठक ने कहा कि दिल्ली के किशनगंज के सदर बाजार क्षेत्र में 2010 तक रेलवे अंडर ब्रिज बनाना था लेकिन उसकी शुरुआत थी 2022 में की गई है। दुर्गेश पाठक ने कहा कि भाजपा शासित एमसीडी ने जो ब्रिज 2006 में 55 करोड़ की लागत में सैंक्शन किया था, वह 87 करोड़ खर्चने के बाद 2022 में भी पूरा नहीं हुआ है। जिस ब्रिज को 2010 में बन जाना चाहिए था उसकी शुरुआत 2022 में की गई है। ‘आप’ विधायक ने एलजी विनय कुमार से ब्रिज को जल्द से जल्द बनवाने की मांग की है। साथ ही उन्होंने घूस खाने वालों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की विनती की है। उन्होंने कहा कि आज वह ब्रिज से संबंधित सभी दस्तावेज एलजी साहब को सौंपेंगे जिससे जांच को समय से आगे बढ़ाया जा सके। दुर्गेश पाठक ने  कहा कि आजकल हमारे प्यारे एलजी साहब काफी खाली हैं इसलिए वह पूरी दिल्ली में घूम-घूमकर मोदीजी के पोस्टर लगा रहे हैं। हमें लगा उन्हें कुछ काम दे दिया जाए क्योंकि इतने बड़े आदमी का खाली बैठना अच्छी बात नहीं है। आज हम उनके लिए एक काम लेकर आएं हैं, आशा है कि वह इस काम को अच्छे से करेंगे। भारतीय जनता पार्टी की एमसीडी ने एक शानदार काम किया है जिसे एलजी साहब को जरूर देखना चाहिए।दुर्गेश पाठक ने कहा कि 2006 में जब दिल्ली में कॉमनवेल्थ टूर्नामेंट कराने की बात हुई तो दिल्ली में विकास संबंधी कई प्रॉजेक्ट शुरू किए गए। उसी दौरान वजीरपुर विधानसभा स्थित किशनगंज के सदर बाजार के क्षेत्र में रेलवे अंडरब्रिज बनना था। यह ब्रिज 2006 में सैंक्शन हुआ जिसका उद्घाटन 2010 में होना था। ब्रिज के 4 बॉक्स बनने थे लेकिन आज 2022 में अभीतक पहले बॉक्स पर ही काम चल रहा है। दूसरी दिलचस्प बात यह है कि ब्रिज की लागत 55 करोड़ रुपए तय की गई थी लेकिन उसमें अबतक 87 करोड़ रुपए लग चुके हैं। उस समय भी कई नेताओं ने इसका कई बार उद्घाटन किया, कई बार लड्डू भी बंटे। चांदनी चौक से सांसद, पूर्व मेयर जय प्रकाश जी ने भी इसका उद्घाटन किया था। दुर्गेश पाठक ने कहा कि मेरी एलजी साहब से विनती है कि इस मामले की जांच हो और उनके पास समय हो तो वह ब्रिज की हालत को खुद देखने जाएं। जाहिर है जब एमसीडी ने ब्रिज की लागत 55 करोड़ तय की थी तो उन्होंने इसमें 2-4 लाख रुपए नेताओं और अन्य लोगों को खिलाने के लिए भी रखा होगा। कहने का अर्थ यह है कि वास्तव में 40-45 करोड़ का काम रहा होगा जिसमें 10-15 करोड़ रुपए अतिरिक्त जोड़े होंगे। अबतो 87 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। कहते हैं कि भाजपा वाले बहुत पैसा लेते हैं। वैसे तो एलजी साहब के लिए यह एक छोटा सा काम है लेकिन अगर यह काम हो जाता है तो बड़ी बात होगी। मेरी एलजी साहब से विनम्र निवेदन है कि इस ब्रिज को जल्द से जल्द बनवाया जाए। साथ ही जिन लोगों ने इसमें पैसे खाए हैं उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। आज मैं इससे संबंधित सभी दस्तावेज एलजी साहब को भेजूंगा जिससे उन्हें जांच में कोई समस्या ना हो।

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