ओमिक्रॉन से निपटने दिल्ली सरकार पूरी तरह से तैयार: अरविंद केजरीवाल

 ओमिक्रॉन से निपटने दिल्ली सरकार पूरी तरह से तैयार: अरविंद केजरीवाल

नई दिल्ली । कोरोनावायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के आतंक से जहां पूरा देश सशंकित है दिल्ली की भी अरविंद केजरीवाल भी ओमिक्रॉन को लेकर बहुत ही चिंतित है। अरविंद केजरीवाल ने एलजी की अध्यक्षता में आयोजित डीडीएमए की बैठक में विशेषज्ञों के साथ ओमिक्रॉन के असर को लेकर विस्तार से चर्चा की। इसके उपरांत सीएम अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली सरकार की तैयारियों की जानकारी देते हुए कहा कि ओमिक्रॉन से घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। दिल्ली सरकार इससे निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। हमने बेड व ऑक्सीजन की पूरी व्यवस्था कर ली है और हम किसी भी तरह की कोई कमी नहीं होने देंगे। आज की बैठक में निर्णय लिया गया है कि दिल्ली में अभी तक एयरपोर्ट पर लोगों की जीनोम जांच की जा रही थी, लेकिन अब सभी पॉजिटिव मामलों की जिनोम जांच की जाएगी। इससे यह पता चल सकेगा कि दिल्ली में कोरोना के केस बढ़ रहे हैं, तो कौन से केस बढ़ रहे हैं? सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि होम आइसोलेशन प्रोग्राम को और अधिक मजबूत करने और अच्छे से प्रबंधन के लिए 23 दिसंबर को एक अहम बैठक करूंगा। मेरा केंद्र सरकार से निवेदन है कि जो लोग दोनों डोज ले चुके हैं, उनको बुस्टर डोज देने की इजाजत दी जाए, ताकि लोग और सुरक्षित हो सकें।
अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को एलजी की अध्यक्षता में आयोजित डीडीएमए की बैठक में कोरोना के ओमिक्रॉन वेरिएंट के असर को लेकर विशेषज्ञों से विस्तार पूर्वक चर्चा की। इस दौरान कुछ अहम फैसले भी लिए गए। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने डीडीएमए की बैठक के बारे डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी देते हुए कहा कि ओमिक्रॉन के बढ़ते प्रभाव के संबंध में एलजी साहब की अध्यक्षता में आज डीडीएमए की बैठक हुई। ओमिक्रॉन का कितना असर हो सकता है, इससे क्या-क्या दिक्कतें हो सकती हैं और हमें क्या-क्या कदम उठाने हैं, इन सारी चीजों पर चर्चा हुई। इस बैठक में कई विशेषज्ञों को भी बुलाया गया था। विशेषज्ञों ने बताया है कि ओमिक्रॉन बहुत ज्यादा तेजी से फैलता है, लेकिन इसके लक्षण बहुत ही हल्के होते हैं। इसमें हल्का बुखार होता है और बहुत कम मरीजों को अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है। इसके अलावा, इसमें मौत के भी बहुत कम संभावना है। मैं दिल्ली के सभी लोगों से यह कहना चाहता हूं कि घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। विशेषज्ञ कह रहे हैं कि इसके लक्षण बहुत हल्के हैं, लेकिन अगर आपको अस्पतालों और दवाइयों की जरूरत भी पड़ेगी, तो दिल्ली सरकार ने अच्छे से सारे इंतजाम किए हुए हैं। अस्पताल में बेड भी मिलेंगे और ऑक्सीजन की भी हमने पूरी व्यवस्था कर ली है। हम किसी तरह की कोई कमी नहीं होने देंगे। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि शायद इसमें हमें सबसे ज्यादा होम आइसोलेशन की जरूरत पड़ेगी। इस संबंध में हमने विशेषज्ञों से विस्तार से चर्चा की। हमने निर्णय लिया है कि हम होम आइसोलेशन के प्रोग्राम को और सुदृढ़ करेंगे, क्योंकि अधिकांश मरीज घर के अंदर ही ठीक होंगे। होम आइसोलेशन को और अच्छी तरह से प्रबंधन के लिए मैं 23 दिसंबर को एक अहम बैठक करूंगा, ताकि होम आइसोलेशन का हमारा प्रोग्राम सुदृढ़ रहे। पिछले कुछ दिनों से कोरोना के केसेज बढऩे लगे हैं। पहले प्रतिदिन 15 से 20 केस आ रहे थे, लेकिन कल 100 से ज्यादा मामले आए हैं। यह केसेज कौन से हैं? क्या यह ओमिक्रॉन है या यह पुराना वाला वायरस है या नए वाला वायरस है? अभी तक केवल हम एयरपोर्ट पर जो लोग आ रहे थे, उनकी जांच कर रहे थे। आज की बैठक में अब हमने यह तय किया है कि जितने भी पॉजिटिव केस दिल्ली के अंदर निकलेंगे, उन सभी को हम जिनोम टेस्टिंग के लिए भेजेंगे। हम कोरोना के 100 फीसद पॉजिटिव केस की जांच करेंगे कि उस व्यक्ति में कोरोना है, तो कौन सा वाला कोरोना है? उसमें डेल्टा वाला कोरोना है या ओमिक्रॉन वाला कोरोना है। इससे पता चलेगा कि दिल्ली के अंदर कोरोना के केस बढ़ रहे हैं, तो यह कौन से केस बढ़ रहे हैं।  अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आजकल देख रहे हैं कि हम मार्केट या कहीं भी जाते हैं, तो हमने मास्क पहनना बंद कर दिया है। हमारी सुरक्षा हमारे हाथ में है। सबसे प्रभावशाली मास्क ही है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में रहने वाले सभी लोगों से हाथ जोडक़र अपील करते हुए कहा कि सभी लोग दोबारा मास्क पहनना शुरू कर दीजिए। बार-बार सरकार या मैं यह बोल रहा हूं, तो यह आप की ही भलाई और स्वास्थ्य के लिए बोल रहा हूं। आप बीमार पड़ेंगे, आपको कोरोना होगा, तो क्या फायदा है। इसलिए आप सभी से निवेदन है कि आप सभी लोग मास्क दोबारा पहनना शुरू कर दीजिए। दिल्ली में हमने करीब 99 फीसद लोगों को वैक्शन की पहली डोज दे दी है और 70 फीसद लोगों को दूसरी डोज भी दे दी है। हम चाहते हैं कि अब बुस्टर डोज की अनुमति दी जाए। इसके लिए केंद्र सरकार अनुमति देता है। मेरा केंद्र सरकार से निवेदन है कि जो लोग दोनों डोज ले चुके हैं, उनको बुस्टर डोज देने की इजाजत दी जाए, ताकि लोग और सुरक्षित हो सकें। दिल्ली में अब हमारे पास पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर है। अगर केंद्र सरकार बुस्टर डोज की अनुमति देती है, तो सबसे पहले हम अपने हेल्थ वर्कर्स को दे देंगे और फिर बाकी जनता को भी बुस्टर डोज दे सकेंगे। दिल्ली सरकार की तैयारी 64-65 हजार बेड्स तैयार करने की है। मौजूदा समय में दिल्ली सरकार ने 30 हजार ऑक्सीजन बेड्स पहले ही तैयार कर लिया है, जिसमें 10 हजार आईसीयू बेड हैं। इसके अलावा, दिल्ली सरकार फरवरी तक और 6800 आईसीयू बेड तैयार कर लेगी। साथ ही, इस तरह की व्यवस्था की गई है कि जरूरत पडऩे पर दो हफ्ते की नोटिस पर दिल्ली के हर वार्ड में 100-100 ऑक्सीजन बेड तैयार कर लिए जाएंगे। इसके अलावा, 32 किस्म की दवाइयों को दो महीने का बफर स्टॉक ऑर्डर दिया जा चुका है, ताकि दवाइयों की कमी न पड़े। कोरोना की संभावित लहर के मद्देनजर मैन पावर की कमी न हो, इसके लिए केजरीवाल सरकार ने विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ मेडिकल स्टूडेंट्स, नर्सेज और पैरामेडिकल स्टॉफ को कोविड प्रबंधन का विशेष प्रशिक्षण दिया है। केजरीवाल सरकार ने कुल 15370 डॉक्टर, नर्सेज, मेडिकल स्टूडेंट्स और पैरामेडिक्स को प्रशिक्षण दिया है, जिसमें 4673 डॉक्टर, 1707 मेडिकल छात्र, 6265 नर्स और 2726 पैरामेडिक्स शामिल हैं। इन्हें ऑक्सीजन थेरेपी, कोविड प्रबंधन, पीडियाट्रिक वार्ड कोविड प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया गया है।केजरीवाल सरकार ने कोरोना की संभावित लहर को ध्यान में रखते हुए पांच हजार हेल्थ असिस्टेंट तैयार किए हैं। जरूरत पडऩे पर सरकार इन हेल्थ असिस्टेंट की भी मदद ले सकेगी। हेल्थ असिस्टेंट को नर्सिंग, पैरामेडिक्स, होम केयर, ब्लड प्रेशर मापने, वैक्सीन लगाने समेत अन्य बेसिक ट्रेनिंग दी गई है। आवश्यकता पडऩे पर हेल्थ असिस्टेंट, डॉक्टर और नर्स के असिस्टेंट के रूप में काम करेंगे और खुद से कोई निर्णय नहीं लेंगे। इनकी मदद लेकर डॉक्टर अधिक कुशलता पूर्वक काम कर पाएंगे और मरीजों की देखभाल भी काफी अच्छे से हो सकेगी।  केजरीवाल सरकार को कोरोना की बीती लहरों के दौरान मरीजों की अच्छी देखभाल करने में होम आइसोलेशन प्रणाली से काफी मदद मिली है। इसलिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निर्देश पर होम आइसोलेशन प्रणाली को और मजबूत किया जा रहा है। जिससे कि कोरोना के हल्के लक्षण वाले मरीजों को घर पर ही बेहतर इलाज दिया जा सके। इसके लिए केजरीवाल सरकार ने एक मजबूत सिस्टम बनाया हुआ है। इसके तहत होम आइसोलेशन में इलाज करा रहे मरीजों को सरकार की तरफ से बनाई गई डॉक्टरों की टीम मरीज को प्रतिदिन सुबह-शाम कॉल कर स्वास्थ्य संबंधित जानकारी लेती है। इस दौरान मरीजों को और देखभाल कर्ता को क्या-क्या सुरक्षा उपायों को अपनाना है, इसकी जानकारी दी जाती है। अगर मरीज की तबीयत गंभीर होती है, तो फिर उसे डॉक्टर किसी अस्पताल में शिफ्ट करा देते हैं।

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