जिलाधिकारी ने किया संवाद कार्यक्रम का आयोजन

 जिलाधिकारी ने किया संवाद कार्यक्रम का आयोजन

रूद्रप्रयाग। जनपद के छात्र-छात्राओं को गुणवत्ता शिक्षा मुहैया करवाने एवं शिक्षकों की समस्याओं के निराकरण के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जनपद के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालय, माध्यमिक विद्यालय व राजकीय शिक्षक संघ के पदाधिकारियों के साथ संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया जिसमें शिक्षा की गुणवत्ता एवं उनमें बेहतर सुधार के लिए तथा उन्होेंने शिक्षकों की समस्याओं को सुना व शिक्षकों की समस्याओं के निराकरण हेतु आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया।
सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में शिक्षक संघ के पदाधिकारियों के साथ संवाद कार्यक्रम के तहत जिलाधिकारी ने उपस्थित पदाधिकारियों से कहा कि सभी स्कूलों में गुणवत्ता शिक्षा मुहैया कराना सभी शिक्षकों की नैतिक जिम्मेदारी है जिसके लिए सभी अपने दायित्वों का निर्वहन कुशलता के साथ करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज का दर्पण है तथा समाज में जो भी कुरीतियां एवं कोई गलत गतिविधियां संचालित होती हैं उन बुराइयों को दूर करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके लिए उन्होंने यह भी कि कहा कि ग्राम स्तर पर जो भी गलत गतिविधियां संचालित होती हैं तो उन्हें तत्काल अवगत करा सकते हैं जिससे कि उस पर आवश्यक कार्यवाही अमल में लाई जा सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि जो विद्यालय भवन जीर्ण-शीर्ण हो गए हैं एवं उनमें कक्षाएं संचालित नहीं हो पा रही हैं ऐसे विद्यालयों की तत्काल सूची मुख्य शिक्षा अधिकारी को उपलब्ध करा दें ताकि ऐसे विद्यालयों की तत्काल मरम्मत कार्य हेतु धनराशि उपलब्ध कराई जा सकी। इसके अलावा विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की शत-प्रतिशत उपस्थिति व अभिभावकों के साथ समय-समय पर बैठक आयोजित कर संवाद किया जाए एवं जो भी छात्र-छात्राएं लगातार अनुपस्थित पाए जाते हैं उनके संबंध में संबंधित अभिभावकों की काउंसलिंग की जाए। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने उपस्थिति पदाधिकारियों को आश्वस्त किया है कि उनके द्वारा जो भी समस्याएं एवं सुझाव संवाद कार्यक्रम में रखे गए हैं उनमें आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित कराई जाएगी। उन्होंने मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि उनके स्तर पर जिन समस्याओं का समाधान किया जा सकता है तो वे अपने स्तर से यथोचित कार्यवाही करना सुनिश्चित करें एवं उनके स्तर से जिन समस्याओं एवं मांग का समाधान किया जा सकता है तो उसके लिए उन्हें पत्रावली प्रस्तुत करने के निर्देश दिए तथा जो समस्याएं एवं मांग निदेशालय स्तर एवं शासन स्तर की हैं, उसके लिए संबंधित को पत्राचार करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद प्रसाद सिमल्टी ने जनपद के अंतर्गत संचालित सभी विद्यालयों, विद्यालयों में अध्यनरत छात्र संख्या व अध्यापकों की जानकारी रखी। इसके साथ ही उन्होंने विद्यालय स्तर पर आयोजित खेल, विज्ञान प्रतियोगिताओं सहित आगामी बोर्ड परीक्षा हेतु की गई तैयारियों की रूपरेखा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। संवाद कार्यक्रम में राजकीय शिक्षक संघ के अध्यक्ष नरेश भट्ट ने कोटीकरण विसंगतियां दूर करने, प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा अधिकांश विद्यालयों में एकल अध्यापक व अध्यापक विहीन विद्यालयों की समस्याओं तथा वेतन विसंगतियों के निरस्तारण करने के संबंध में अवगत कराया। माध्यमिक शिक्षा संघ के अध्यक्ष सुखदेव रावत ने अशासकीय विद्यालयों में भी शासकीय विद्यालयों की भांति मिलने वाली सभी सुविधाओं को उपलब्ध कराने की मांग की गई। प्रारंभिक शिक्षा संघ के अध्यक्ष विक्रम सिंह झिंक्वाण ने कोटीकरण के तहत 25 प्रतिशत करने को कहा तथा रिक्त पदों को पदोन्नति के माध्यम से भरने की मांग की गई। संस्कृत संघ महाविद्यालय के अध्यक्ष नित्यांदन पोखरियाल ने संस्कृत महाविद्यालयों में भी राजकीय विद्यालयों की भांति ही पदोन्नति व नए शिक्षकों की भर्ती करने आदि मांगें रखी गई। इस मौके पर शिशुपाल पंवार, ललिता रौतेला, उमेश चंद्र भट्ट, टीकाराम जगलोकी, सतेंद्र नौटियाल, वंशीधर गौड़, कीरत नेगी, विमला राणा सहित अन्य पदाधिकारी एवं शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।

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