मोदी को केजरीवाल भूत बनकर उनके सपनों में आते हैं : आतिशी

 मोदी को केजरीवाल भूत बनकर उनके सपनों में आते हैं : आतिशी

भारतीय जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी किसी न किसी मुद्दे पर एक दूसरे को नीचा दिखाने से पीछे नहीं हटती जब से दिल्ली के उपराज्यपाल ने मनीष सिसोदिया के खिलाफ सीबीआई के जांच दिए हैं तभी से आम आदमी पार्टी के सभी नेता भारतीय जनता पार्टी और नरेंद्र मोदी पर हमलावर हो गई है ।आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता आतिशी ने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की एकतरफा जीत के बाद से पीएम मोदी की रातों की नींद उड़ गई है। अरविंद केजरीवाल भूत बनकर उनके सपनों में आते हैं। सपनों से डरकर पीएम मोदी अपने नेताओं, मंत्रियों और नुमाइंदों से कहते हैं कि कैसे भी करके आम आदमी पार्टी के कामों को बंद कराओ। भाजपा वाले उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पर राजकोष के नुकसान का आरोप लगा रहे हैं, जबकि नई एक्साइज पॉलिसी से राजकोष को महज 4 महीने में 1300 करोड़ का लाभ हुआ है। भाजपा जिन मनीष सिसोदिया जी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा रही है उन्होंने 20 लाख बच्चों के भविष्य और दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था को बदला है। उनकी वजह से ही नई एक्साइज पॉलिसी के तहत दिल्ली सरकार को 5446 करोड़ का राजस्व मिला। पुरानी सरकारों की एक्साइज पॉलिसी के आधार पर 2019-20 में 4109 करोड़ का राजस्व पैदा हुआ था। उन्होंने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार हमारे मंत्रियों और एमएलए पर 150 से अधिक केस करा चुकी है, लेकिन आजतक उनके ख़िलाफ़ सबूत नहीं मिला है। ईडी ने सत्येंद्र को गिरफ़्तार करने के बाद कोर्ट में कहा कि वो आरोपी नहीं हैं। केंद्र की मोदी सरकार की किसी एजेंसी को दिल्ली सरकार की 400 फाइल्स जांचने के बाद भी कोई सबूत नहीं मिला। सत्येंद्र जैन को जेल में रहते हुए 2 महीने हो गए लेकिन अभीतक ईडी उनके खिलाफ चार्जशीट नहीं फाइल कर पाई है। आप के किसी भी नेता के खिलाफ आजतक एक सबूत नहीं मिला है। जिसके कारण हर बार कोर्ट ने कड़े शब्दों में केंद्र सरकार की एजेंसियों को फटकार लगाई है। उन्होंने कहा कि कुछ महीनों पहले खुद सीएम अरविंद केजरीवाल ने घोषणा की थी कि उन्हें अलग-अलग सूत्रों से पता चला है कि सत्येंद्र जैन के बाद अगला निशाना मनीष सिसोदिया पर है।आतिशी ने शुक्रवार को पार्टी मुख्यालय में एक महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता को संबोधित किया। विधायक आतिशी ने कहा कि आज सुबह हमें मीडिया के माध्यम से सूचना मिली है कि भाजपा की केंद्र सरकार के नुमाइंदे दिल्ली के उपराज्यपाल ने उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के खिलाफ सीबीआई की जांच का आदेश दिया है। सीबीआई द्वारा जांच और रेड, ईडी द्वारा रेड, इनकम टैक्स विभाग द्वारा रेड, दिल्ली पुलिस द्वारा केस और गिरफ्तारी, यह सब आम आदमी पार्टी के लिए कोई नई बात नहीं है। जबसे 2015 में दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी की सरकार बनी है, 150 से ज्यादा मुकदमें आम आदमी पार्टी के नेताओं, विधायकों और मंत्रियों पर हो चुके हैं। 2015-2020 के बीच हमारे 52 विधायकों पर केस हुए। सीबीआई ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के घर-ऑफिस में रेड किया। इनकम टैक्स विभाग ने दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलौत के घर में रेड किया। 6 महीने तक दिल्ली सरकार की 400 फाइलें केंद्र सरकार द्वारा गठित असंवेधानिक शुंगलू कमेटी द्वारा रखी गईं कि कहीं तो भ्रष्टाचार मिलेगा। लेकिन केंद्र सरकार की किसी भी एजेंसी को, चाहे वो दिल्ली पुलिस हो, सीबीआई हो, इनकम टैक्स विभाग हो, ईडी हो, आजतक एक भी सबूत आम आदमी पार्टी के किसी भी नेता के खिलाफ नहीं मिला। वह मुकदमा दर्ज करते हैं और जब मामला कोर्ट में जाता है तो हर कोर्ट ने कड़े शब्दों में केंद्र सरकार की एजेंसियों की निंदा की है कि बिना किसी सबूत के तुमने इस विधायक, मंत्री या नेता पर मुकदमा किया है। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस, सीबीआई, ईडी आदि की कई बार निंदा की है।आतिशी ने कहा कि कुछ दिन पहले ईडी ने दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार किया। उस गिरफ्तारी को लेकर ईडी आजतक कोर्ट में कहती है कि सत्येंद्र जैन दोषी नहीं हैं, हम सिर्फ उनसे पूछताछ कर रहे हैं। जेल में रहते हुए उनको 2 महीने हो गए लेकिन अभीतक ईडी उनके खिलाफ चार्जशीट नहीं फाइल कर पाई है। कुछ महीनों पहले अरविंद केजरीवाल जी ने खुद घोषणा की थी कि उन्हें अलग-अलग सूत्रों से पता चला है कि सत्येंद्र जैन जी के बाद अगला टार्गेट मनीष सिसोदिया जी हैं। अरविंद केजरीवाल जी ने विधानसभा में भी अपने भाषण में कहा कि सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार करने के बाद केंद्र सरकार कोशिश कर रही है कि मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार किया जाए। आतिशी ने कहा कि मनीष सिसोदिया कौन हैं जिनके खिलाफ आप सीबीआई जांच कराना चाहते हैं? मनीष सिसोदिया वह नेता, वह मंत्री हैं जिन्होंने दिल्ली में पढऩे वाले 20 लाख से ज्यादा गरीब बच्चों का भविष्य बदला है। 7 साल पहले जब दिल्ली में अरविंद केजरीवाल जी की सरकार बनी थी तो पूरे देश की तरह दिल्ली के भी सरकारी स्कूल बर्बाद थे। कक्षाओं में शिक्षक नहीं होते थे, बच्चों के बैठने के लिए मेज नहीं होती थी, पीने के लिए पानी नहीं होता था, शौचालय नहीं होता था, बच्चों के पास किताबें नहीं होती थीं। लोगों को पता था कि यदि बच्चों को सरकारी स्कूल में डाला तो उसका भविष्य खत्म है। गरीब से गरीब इंसान भी अपने बच्चों को सिर्फ मजबूरी में स्कूल भेजता था क्योंकि उन्हें पता था कि यहां पर कोई पढ़ाई नहीं होती है। गरीब और मध्यम वर्ग के परिवार अपना पेट काटकर बच्चों को प्राइवेट स्कूल में भेजते थे क्योंकि इन्हीं सरकारों ने सरकारी स्कूल तबाह करके रख दिए थे।उन्होंने कहा कि यह वही मनीष सिसोदिया हैं जिन्होंने दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले लाखों बच्चों को एक बेहतरीन भविष्य दिया है। यह वही मनीष सिसोदिया हैं जिनके नेतृत्व में पिछले पांच सालों से दिल्ली के सरकारी स्कूलों के नतीजे प्राइवेट स्कूलों से बेहतर आ रहे हैं। यह वही मनीष सिसोदिया हैं जिनके नेतृत्व में पिछले कुछ सालों में 4 लाख से ज्यादा बच्चों ने प्राइवेट स्कूल छोडक़र सरकारी स्कूलों में एडमिशन ले लिया है। यह वही मनीष सिसोदिया हैं जिनके नेतृत्व में हर साल अब दिल्ली के सरकारी स्कूलों के हजारों बच्चों का एडमिशन आईआईटी, जेई, नीट के माध्यम से देश के बड़े-बड़े मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेज में होता है। लेकिन मोदी जी की केंद्र सरकार को यह कैसे पचेगा कि दिल्ली के गरीब बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल रही है। उन्हें कैसे पचेगा कि गरीब और मध्यम वर्गीय लोगों को स्वास्थ्य की अच्छी सुविधाए मिल रही हैं। इसीलिए मोदी जी ने पहले हमारे स्वास्थय मंत्री को गिरफ्तार करवाया और अब हमारे शिक्षा मंत्री व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया जी को गिरफ्तार करने की कोशिश कर रहे हैं। मनीष सिसोदिया पर लगाए जा रहे आरोपों का जिक्र करते हुए आतिशी ने कहा कि जिस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं, उन्हें सुनकर हंसी आती है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि मनीष सिसोदिया जो कि वित्त मंत्री भी हैं, उन्होंने एक्साइज पॉलिसी के तहत भ्रष्टाचार किया है। उन्होंने राजकोष का नुकसान कराया है। मैं भारतीय जनता पार्टी से यह कहना चाहती हूं कि शायद अगर आप भी दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़े होते तो थोड़ी बहुत गणित आपको भी आती। इसलिए आज मैं थोड़ा गणित बता देती हूं। जितना पैसा सरकारी खजाने में आ रहा था, उससे जब कम पैसा आया तो उसे ‘राजकोष का नुकसान’ कहते हैं। मनीष सिसोदिया जी ने वित्त मंत्री होते हुए भी इसका बिल्कुल उल्टा किया। वह जो नई एक्साइज पॉलिसी लेकर आए उसके तहत सरकारी खजाने में आने वाला पैसा बढ़ गया। राजस्व की चोरी रुक गई तो मैं भाजपा को बताना चाहूंगी कि इसे ‘राजकोष का नुकसान’ नहीं बल्कि ‘राजकोष का मुनाफा’ कहते हैं।नई पॉलसी के तहत हुए मुनाफे के आंकड़े साझा करते हुए आतिशी ने कहा कि जब पुरानी सरकारों और पार्टियों द्वारा एक्साइज पॉलिसी चलाई जाती थी, उसके तहत 2019-20 में 4109 करोड़ का राजस्व पैदा हुआ। सत्र 2020-21 में मनीष सिसोदिया जी एक नई पॉलिसी लेकर आते हैं वह भी नवंबर के महीने में। दिल्ली सरकार को 5446 करोड़ का राजस्व मिला। यानि की मात्र 4 महीनों में सरकारी खजाने में 1300 करोड़ का मुनाफा हुआ। मैं भाजपा से कहना चाहूंगी कि किसी भी फालतू आरोप-प्रत्यारोप को लगाने से पहले कृपया थोड़ा गणित तो सीख लें।उन्होंने कहा कि मीनाक्षी लेखी खुद एक मंत्री हैं, वह खुद फाइलों को पढ़ती होंगी। मैं उनकी प्रेसवार्ता से एक उदाहरण देना चाहूंगी। उन्होंने कहा कि जिस एजेंसी को टेंडर नहीं मिला, उसके पैसे मनीष सिसोदिया जी ने वापस कर दिए। उनकी बातों पर मुझे हंसी आ रही है कि जिस पॉलिसी पर आपके ही नुमाइंदे उपराज्यपाल ने अपना ठप्पा लगाया है, वह साफ शब्दों में कहती है कि जब कोई कंपनी टेंडर के लिए अप्लाई करेगी, वह पहले सिक्योरिटी डिपोजिट देगी। जिस कंपनी को टेंडर नहीं मिलता है उसका सिक्योरिटी डिपोजिट वापस किया जाएगा। यह एक साधारण सरकारी नियम है। जिसे भाजपा एक बहुत बड़े भ्रष्टाचार के रूप सामने रखने की कोशिश कर रही है। आतिशी ने कहा कि भाजपा का एक-एक आरोप झूठा और निराधार है। जैसे मैंने कहा कि यह एक्साइज पॉलिसी सरकारी खजाने को मुनाफा दे रही है। सवाल यह उठता है कि यदि यह बात इतनी सरल है तो भाजपा को भी इसकी जानकारी होगी। उनको भी पता होगा कि इतने हास्यास्पद आरोप लगा रहे हैं कि मात्र आधे घंटे में सभी आंकड़े निकाले जा सकते हैं। जिससे इनके सभी आरोप गलत साबित हो जाएंगे। बावजूद इसके भाजपा ऐसा इसलिए कर रही है क्योंकि भाजपा की केंद्र सरकार को अरविंद केजरीवाल की सरकार से डर लगता है।उन्होंने कहा कि आज दिल्लीवालों ने देख लिया है कि जहां केजरीवाल की सरकार है वहां पर शानदार स्कूल होते हैं, शानदार अस्पताल होते हैं, मुफ्त बिजली और पानी मिलता है। इसलिए दिल्लीवाले बार-बार अरविंद केजरीवाल को वोट देते हैं। पहले 67 सीटें दीं फिर 5 साल बाद 62 सीटें दीं और अभी जब उपचुनाव हुआ तो आम आदमी पार्टी की एकतरफा जीत हुई। ना सिर्फ दिल्ली के लोग बल्कि अब पंजाब के लोगों ने भी बता दिया है कि हम तो अरविंद केजरीवाल की सरकार चाहते हैं।उन्होंने कहा कि पंजाब की जीत के बाद पूरे देश में आम आदमी पार्टी की जो आंधी चली है, जब देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग ‘आप’ से जुड़ रहे हैं। जब देश के अलग-अलग कोनों में अरविंद केजरीवाल की लाखों लोगों के साथ सभाएं हो रही हैं। अलग-अलग राज्यों में आम आदमी पार्टी को इतना समर्थन मिल रहा है। लोग अरविंद केजरीवाल की सरकार को एक उम्मीद की तरह देख रहे हैं तो ऐसा लग रहा है कि मोदी जी की रातों की नींद उड़ गई है। जब थोड़ी बहुत नींद आती भी है तो ऐसा लगता है कि अरविंद केजरीवाल जी किसी भूत की तरह उनके सपनों में आ जाते हैं। अगली सुबह मोदी जी अपने नेताओं, मंत्रियों और नुमाइंदों से कहते हैं कि कैसे भी करके इस अरविंद केजरीवाल की पार्टी के कामों को बंद कराओ वर्ना मुझे नींद आनी बंद हो जाएगी।

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