केजरीवाल बताएं कि किस आधार पर एक ब्लैक लिस्टेड कंपनी को ठेके दिए गए : मीनाक्षी लेखी

 केजरीवाल बताएं कि किस आधार पर एक ब्लैक लिस्टेड कंपनी को ठेके दिए गए : मीनाक्षी लेखी

पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेत्री मीनाक्षी लेखी ने उपराज्यपाल द्वारा नई एक्साइज पॉलिसी पर सीबीआई जांच की अनुमति देने के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि दिल्ली भाजपा पिछले काफी समय से लगातार केजरीवाल सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करती रही है कि शराब के नाम पर भ्रष्टाचार किया गया है। मीनाक्षी लेखी ने दिल्ली की केजरीवाल सरकार से सवाल पूछते हुए कहा कि केजरीवाल ये बताएं कि 25 अक्टूबर 2021 को एक्साइज विभाग ने नोटिस दिया था उन कंपनियों को, जिनको शराब के लाइसेंस दिए गए थे। इस मामले में क्या कार्रवाई हुई? 14 जुलाई 2022 को बिना कैबिनेट नोट के जल्दबाजी में 144.36 करोड़ रुपये की छूट उन्हीं कंपनियों को बिना कानून का पालन किए दी गई? अगर उसके लिए प्रक्रिया को फॉलो नहीं किया जाता तो, वो डिपॉजिट सरकारी खजाने में चला जाता है। लेकिन इस केस में ये 30 करोड़ रुपये बिना किसी अप्रूवल और प्रक्रिया के उस कंपनी को वापस किये गए। मीनाक्षी लेखी ने कहा कि विदेशी अल्कोहल के ऊपर बिना किसी अप्रुवल के और बिना उपराज्यपाल की अनुमति लिए 50 रुपये प्रति बोतल पर जो छूट दी गई उससे दिल्ली के टैक्स प्रेयर्स का नुकसान हुआ। केजरीवाल बताएं कि आखिर यह किस आधार पर छूट दी गई? एक ब्लैक लिस्टेड कंपनी को ठेके किस आधार पर दिए गए इस बात का विवरण भी केजरीवाल को दिल्लीवासियों के सामने रखना चाहिए। मीनाक्षी लेखी ने कहा कि केजरीवाल को आखिर किस बात की जल्दबाजी थी जो बिना 48 घंटे पहले नोटिस दिए और बिना कैबिनेट नोट दिए उन्होंने इस पूरे मामले में कागज साइन करने का फैसला ले लिया जबकि दिल्ली में ऐसी कोई ना ही शराब पीने को लेकर आफत आई या ना ही कोई आपातकाल था। शराब के ऊपर जो टैक्सेज लगते हैं वह पैसा जनता के काम आने वाले हैं जिन्हें शराब माफियाओं को फायदा पहुंचाने के लिए निर्णय लिए है और उससे जनता का नुकसान है। इस सब के बारे में अगर केजरीवाल को अपना एक्सप्लेनेशन देना चाहिए।प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने दिल्ली के उन्होंने कहा कि जब यह नई एक्साइज पॉलिसी लागू हुई तो उस वक्त शराब के ठेकेदारों को 2.5 फीसदी कमीशन दिया जाता था जो केजरीवाल ने बढ़ाकर 12.5 फीसदी कर दिया। मतलब सीधे 10 फीसदी का फायदा शराबमाफियों को पहुंचाया गया। पहले शराब की क्वीलिटी चेक करने के लिए सरकारी लैब होती थी, लेकिन नई एक्साइज पॉलिसी के तहत ठेकेदारों को खुद का लैब बनाकर क्वीलिटी चेक करने की छूट दे दी गई। ऐसे में क्वीलिटी की कोई गारंटी नहीं है।आदेश गुप्ता ने कहा कि एक्साइज पॉलिसी के खिलाफ कल भाजपा पुरजोर विरोध प्रदर्शन करेगी क्योंकि आज़ादी के बाद दिल्ली के अंदर धार्मिक और पवित्रता के आधार पर 21 ड्राइ डे हुआ करते थे लेकिन शराब माफियाओं को फायदा पहुंचाने और उनके दवाब में ड्राइ डे को कम करके तीन दिन कर दिया गया। त्योहारों के दिनों में शराब का सबसे ज्यादा बिकने के कारण यह शराब माफियाओं को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया। उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने पूरे 850 ठेके खोल दिए लेकिन एक बार भी किसी से सलाह या सुझाव नहीं लिया जबकि यही केजरीवाल थे जो कहा करते थे कि एक तो शराब के ठेके नहीं खुलने चाहिए और अगर खुलते भी हैं तो उस क्षेत्र के महिला और आरडब्ल्यूए संगठनों से पूछ कर खोले जाए। सत्येन्द्र जैन के केस में भी केजरीवाल खुद ही जज बन गए थे और आज मनीष सिसोदिया के समय में भी वे खुद ही जज बन गए हैं। प्रेसवार्ता में राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला एवं सरदार आर पी सिंह भी उपस्थित थे।

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