आनंदेश्वर मंदिर के महंत श्याम गिरि हुए ब्रह्मलीन, बाबा घाट में दी गई समाधि

 आनंदेश्वर मंदिर के महंत श्याम गिरि हुए ब्रह्मलीन, बाबा घाट में दी गई समाधि

परमट स्थित आनंदेश्वर मंदिर के महंत श्याम गिरि महाराज मंगलवार को बाबा घाट में समाधि दी गई। वैदिक मंत्रोच्चार की गूंज के बीच संत समाज ने षोढ्स संस्कार कराया। श्रीजूना अखाड़ा के साधु संत और उनके परिवार के लोग मौजूद रहे। समाधि संस्कार के दौरान बाबा घाट पर पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही।
महामंडलेश्वर श्याम गिरि ने लंबी बीमारी के इलाज के दौरान देहरादून स्थित निजी अस्पताल में रविवार की भोर अंतिम सांस ली। यहां से उनका पार्थिव शरीर हरिद्वार स्थित श्रीजूना अखाड़ा ले जाया गया। श्रीजूना अखाड़ा मुख्यालय में श्यामगिरि को 13 अखाड़ा के संतों ने पुष्पांजलि दी। महंत की हरिद्वार में ब्रह्मलीन यात्रा निकाली गई। महामंडलेश्वर का पार्थिव शरीर सोमवार की देर रात हरिद्वार से आनंदेश्वर मंदिर लाया गया। आनंदेश्वर मंदिर और गंगा दर्शन के बाद उनका पार्थिव शरीर बाबा घाट ले जाया गया। सुबह महंत का समाधि संस्कार कराया गया। श्रीजूना अखाड़ा के महंत हरि गिरि,महंत प्रेम गिरि,नारायण गिरि रहे। जूना अखाड़ा की ओर से परमट मंदिर में तैनात महंत अरुण भारती ने बताया कि पार्थिव देह के अंतिम दर्शन को देर रात से भोर पहर तक भक्त पहुंचते रहे। अखाड़े की ओर से संत परंपरा के अनुसार महाराज श्री के पार्थिव देह मंत्रोच्चारण के बीच सुबह करीब पौने दस बजे गौशाला में भू-समाधि दी गई।
भू-समाधि में महाराज श्री के अंतिम दर्शन को सैकड़ों भक्तों के साथ जूना अखाड़ा के हरि गिरि महाराज,प्रेम गिरि महाराज, महामंडलेश्वर श्रीकृष्ण दास,अरुण चैतन्यपुरी सहित शहर का संत समाज उपस्थित रहा। भक्तों ने भू-समाधि के दौरान महाराज श्री का जयकारा लगाते हुए पुष्पवर्षा की। समाधि संस्कार के दौरान महंत की भतीजी पूनम,भतीजा अभिषेक,नाती रुबी आदि रहे। महामंडलेश्वर को भू-समाधि दिये जाने के बाद मंदिर के पट बुधवार को खोले जाएंगे।

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