ओमिक्रॉन ने फीका किया क्रिसमस का रंग, मध्यप्रदेश में नाइट कर्फ्यू,

 ओमिक्रॉन ने फीका किया क्रिसमस का रंग, मध्यप्रदेश में नाइट कर्फ्यू,

। आज दुनिया में क्रिसमस मनाने की तैयारी चल रही है। हालांक कोरोना के नए वैरिएंट ने इसका रंग फीका कर दिया है। धीरे-धीरे ही सही, मगर पाबंदियों का दौर शुरू हो चुका है। मध्य प्रदेश में नाइट कर्फ्यू का ऐलान कर दिया है। वहीं, बढ़ते मामलों के बीच देश के आन्य राज्यों में भी पाबंदियों का दौर फिर से शुरू होने वाला है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने राज्यों के साथ बैठक में कहा कि यदि कहीं संक्रमण दर 10 फीसदी से ज्यादा या ऑक्सीजन बेड पर भर्ती होने का प्रतिशत 40 फीसदी से अधिक है तो स्थानीय प्रशासन वहां तत्काल रोकथाम के उपाय लागू करे। ऐसे मामलों में रात्रि कर्फ्यू, भीड़भाड़ भरे आयोजनों पर रोक आदि शामिल है।
भूषण ने राज्यों के स्वास्थ्य सचिवों एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रमुखों के साथ ओमिक्रॉन से निपटने के लिए की जा रही तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने राज्यों से कहा कि वह कोरोना को लेकर पहले से लागू उपायों को जारी रखें तथा नए वेरिएंट के खतरे के मद्देनजर अपनी तैयारियों को तेज करें। राज्यों से कहा गया है कि ओमिक्रॉन के मामलों के दोगुने होने और नए बन रहे क्लस्टरों पर भी नजर रखें।
मध्य प्रदेश में लगा नाइट कर्फ्यू
देश में कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य में रात्रि कर्फ्यू लगाने की घोषणा की है। साथ ही मुख्यमंत्री ने राज्य के लोगों से कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने की भी अपील की है। मुख्यमंत्री के निर्देश के मुताबिक, अब रात 11 बजे से सुबह पांच बजे तक लोगों की आवाजाही पर रोक रहेगी।
महराष्ट्र में भी जारी होगी गाइडलाइन्स
कोरोना वायरस के बढ़ते मामले और ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए कई कई राज्यों में पाबंदियां लगनी शुरू हो गई है। महाराष्ट्र सरकार आज क्रिसमस और नए साल के दौरान शादी समारोहों, होटलों और रेस्टोरेंट में भीड़ से बचने के लिए विस्तृत दिशानिर्देश जारी करेगी। राज्य में कोरोना वायरस के एक बार फिर से अपना असली रूप दिखाने लगा है। राज्य में गुरुवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 1179 नए मामले सामने आए, जिनमें से 23 मामले ओमिक्रॉन के हैं।
बढ़ते मामलों को गंभीरता से लेने की जरूरत
भूषण ने कहा कि यदि कहीं कोरोना नमूनों की जांच में संक्रमण दर दस फीसदी से ज्यादा होती है या कहीं ऑक्सीजन बेड 40 फीसदी भर जाते हैं तो इसे गंभीरता से लें तथा तुरंत ही बीमारी को स्थानीय स्तर पर रोकने के उपाय करें। हालांकि, उन्होंने राज्यों से कहा कि जनसंख्या घनत्व, बीमारी के प्रसार की दर आदि को देखते हुए उपरोक्त स्थिति उत्पन्न होने से पूर्व भी वह रोकथाम के उपाय स्थानीय स्तर पर लागू कर सकते हैं। जिसमें भीड़भाड़ वाले आयोजनों पर रोक, रात का कर्फ्यू आदि उपाय शामिल हैं।
क्लस्टर मिलने पर कंटेनमेंट जोन घोषित हो
भूषण ने कहा कि रोकथाम के उपरोक्त उपाय कम से कम 14 दिनों के लिए किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी स्थान पर कोरोना संक्रमण का क्लस्टर पाया जाता है जो तत्काल कंटेनमेंट जोन और बफर जोन घोषित किये जाए। मौजूदा दिशा-निर्देशों के तहत कंटेनमेंट जोन में कड़े उपाय सुनिश्चित करें। क्लस्टर में पाए जाने वाले सभी पॉजिटिव नमूनों को जीनोम सिच्ेंसिंग के लिए भेजें।
जल्द टीके की दोनों खुराक लोगों को लगाएं
केंद्र सरकार ने राज्यों से यह भी कहा कि जल्द से जल्द टीके की दोनों खुराक लोगों को लगाएं। भूषण ने कहा कि दोनों खुराक लेने से ओमिक्रॉन समेत कोरोना के सभी वेरिएंट से संक्रमण की भयावहता कम होती है और अस्पताल में भर्ती होने की दर कम होती है। इसके लिए घर-घर जाकर टीका लगाने के अभियान को तेज करने को कहा है।

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