यरुशलम में इजरायल द्वारा थोपी गई पाठ्यपुस्तकों के विरोध में फिलिस्तीनी स्कूल बंद

 यरुशलम में इजरायल द्वारा थोपी गई पाठ्यपुस्तकों के विरोध में फिलिस्तीनी स्कूल बंद

पूर्वी यरुशलम में करीब 150 फिलिस्तीनी स्कूल इजरायली पाठ्यक्रम को लागू करने के इजरायल सरकार के प्रयासों के विरोध में बंद हो गए हैं। लगभग 100,000 छात्र हड़ताल के चलते स्कूलों में नहीं गए। इजरायल सरकार स्कूलों को फिलीस्तीनी पाठ्यक्रम छोड़ कर इजरायली पाठ्यक्रम अपनाने के लिए मजबूर कर रही है।
पूर्वी यरुशलम में माता-पिता के संघ के प्रमुख जिय़ाद अल-शामाली ने कहा कि, अगर इजराइल के प्रयास सफल होते हैं, तो यह यरूशलेम में हमारे 90 प्रतिशत बच्चों की शिक्षा पर नियंत्रण हो जाएगा।
अल-शामाली के अनुसार, किंडरगार्टन से लेकर कक्षा 12 तक के करीब 115,000 बच्चे यरुशलम में 280 से अधिक फिलीस्तीनी स्कूलों में पढ़ते हैं।
बीती रात, वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गए, जिसमें पूर्वी यरुशलम के निवासियों ने सामान्य हड़ताल की और फिलिस्तीनी पाठ्यक्रम के लिए ‘हां’ और इजरायली पाठ्यक्रम के लिए ‘ना’ लिखे पोस्टर लगाए।
जुलाई के अंत में, इजराइल ने पूर्वी यरुशलम में छह फिलिस्तीनी स्कूलों के स्थायी लाइसेंस को रद्द कर दिया था, यह कहते हुए कि, उनकी पाठ्यपुस्तकों में इजराइल और उसकी सेना के खिलाफ उकसाने वाली सामग्री है।
दशकों से, पूर्वी यरुशलम में फिलिस्तीनी स्कूलों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली पाठ्यपुस्तकों पर विवाद दोनों पक्षों के बीच रहा है।
फिलिस्तीनियों ने पाठ्यपुस्तकों के चुनाव में हस्तक्षेप करने और उन्हें अंतर्राष्ट्रीय संगठनों और पश्चिमी देशों से शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त करने से रोकने के लिए इजराइल की आलोचना की।
1967 के मध्य पूर्व युद्ध में इजराइल ने वेस्ट बैंक और पूर्वी यरुशलम पर कब्जा कर लिया था, दोनों पर फिलिस्तीनियों का दावा है और तब से इजरायल इस क्षेत्र को नियंत्रित कर रहा है।

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