पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने राजनीति की नई व्याख्या की : महेश शर्मा

 पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने राजनीति की नई व्याख्या की : महेश शर्मा

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष  आदेश गुप्ता के नेतृत्व में वृंदावन में चल रहे दिल्ली भाजपा के तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन के प्रथम सत्र में केंद्रीय प्रशिक्षण विभाग के संयोजक महेश शर्मा ने एकात्म मानववाद के बारे में विस्तृत चर्चा की और राष्ट्रीय मंत्री एवं प्रदेश की सह-प्रभारी डॉ अलका गुर्जर ने मोदी सरकार के दूरगामी परिणाम वाली विदेश नीतियों पर प्रकाश डालने का काम किया। दिल्ली की वर्मतान स्थिति एवं दिल्ली सरकार की विफलताओं के बारे में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने एवं चुनाव प्रबंधन को लेकर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक  विजेन्द्र गुप्ता ने अपना संबोधन दिया। इसके साथ ही मीडिया और सोशल मीडिया का सही उपयोग करने के बारे में केंद्रीय प्रशिक्षण विभाग के सदस्य श्री हेमंत गोस्वामी एवं हमारा विचार परिवार के बारे में प्रदेश संगठन महामंत्री  सिद्धार्थन ने विस्तृत चर्चा की।अपने संबोधन में महेश शर्मा ने एकात्म मानववाद के विषय में विस्तृत चर्चा करते हुए कहा कि भाजपा हमेशा से ही पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के एकात्म मानववाद के विचारधाराओं का अनुसरण करती रही है। उनके चिंतन के मूल में लोकमंगल एवं राष्ट्र-कल्याण का भाव समाहित है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने राजनीति की नई व्याख्या की। एक ओर उन्होंने जहाँ समाजवाद, मार्क्सवाद एवं पूँजीवाद सरीखे अभारतीय विचारधाराओं को भारतीय चिंतन-परंपरा, भारतीय दृष्टिकोण एवं भारतीय जीवन-शैली के सर्वथा प्रतिकूल माना है और उन्हें अस्वीकार किया है। वहीं, दूसरी ओर भारतीय मानस के अनुकूल ‘एकात्म मानव-दर्शन’ व ‘अन्त्योदय’ की संकल्पना प्रस्तुत कर ‘भारत को भारत की दृष्टि से’ देखने-समझने का एक सार्थक सूत्र भी दिया है। उन्होंने कहा कि एकात्म मानववाद से ही समाज में समानता आएगी। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को सुनिश्चित जीवन यापन, स्वाधीनता, गरिमापूर्ण और सम्मान पूर्वक जीवन जीने का आधिकार है। महेश शर्मा ने कहा कि मनुष्य को सर्वप्रथम ‘मनुष्य’ ही माना जाना चाहिए। उसकी समस्त आवश्यकताओं, उसके जीवन के सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक व आर्थिक आयामों को ध्यान में रखकर चिंतन करते हुए संतुलित-विकास के पथ पर निरंतर आगे बढऩा चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें अपनी प्राचीन संस्कृति का विचार अवश्य करना चाहिए। किंतु हम इस बात के प्रति भी सचेत रहें कि हम पुरातत्ववेत्ता नहीं हैं। हमारा ध्येय अपनी संस्कृति का संरक्षण करना ही नहीं, अपितु उसे गति देकर सजीव व सक्षम बनाए रखना भी होना चाहिए। हमें अपनी रूढिय़ाँ समाप्त करनी चाहिए। अपनी कमियों की परख कर उनमें सुधार करना चाहिए। सामाजिक जीवन में मौजूद भेदभाव, छुआछूत एवं अस्पृश्यता जैसी विभेदकारी धारणाओं को तोडऩा चाहिए।डॉक्टर अलका गुर्जर ने कहा कि भारत के सबसे यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के दूरगामी विदेश नीति का ही प्रभाव है कि आज भारत विश्व गुरु बनने की राह पर है और विदेश नीति के तहत भारत ने पड़ोसी देशों को प्राथमिकता देने का जो सिलसिला शुरु किया, आज उसी का परिणाम है कि सभी देशों का भारत के प्रति नजरिया बदला है। पाकिस्तान में एयर स्ट्राइक का मामला हो या अनुच्छेद 370 हटाने का मामला हो, भारत ने अपने कूटनीतिक कौशल का परिचय दिया है। दोनों मामलों पर पाकिस्तान पूरी तरह से अलग-थलग हो गया। देश के बाहरी और आंतरिक सुरक्षा को भी मजबूती प्रदान करने की एक सुनिश्चित रणनीति बनाई।उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने रूस और अमेरिका दोनों विरोधी देशों के साथ अपनी रिश्तों में निकटता बनाए रखी। यह विदेश नीति का बड़ा कौशल था। अमेरिका के तमाम विरोध के बावजूद भारत ने इस रक्षा सौदे में यह सिद्ध कर दिया कि वह अपने रक्षा सौदों के मामले में किसी के दबाव में नहीं आएगा।

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