शीना बोरा हत्याकांड मामला : इंद्राणी मुखर्जी की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई, महाराष्ट्र से मांगा जवाब

 शीना बोरा हत्याकांड मामला : इंद्राणी मुखर्जी की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई, महाराष्ट्र से मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने शीना बोरा हत्याकांड की मुख्य आरोपी इंद्राणी मुखर्जी की जमानत याचिका पर शुक्रवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और महाराष्ट्र सरकार से जवाब मांगा। न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव और पीएस नरसिम्हा की पीठ ने मामले की सुनवाई के लिए सहमति जताई और सीबीआई और राज्य सरकार को नोटिस जारी किया। शीर्ष अदालत ने उनसे दो सप्ताह के भीतर हलफनामा मांगा है। इंद्राणी ने उनकी जमानत खारिज करते हुए 16 नवंबर, 2021 के बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी है। इंद्राणी की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने पीठ को बताया कि मामले की सुनवाई पिछले साढ़े छह साल से चल रही है और यह अगले दस वर्षों में खत्म नहीं होगी। उन्होंने कहा कि कई और गवाहों से पूछताछ की जानी है और सीबीआई अदालत में कोई न्यायाधीश नहीं है। अपनी बेटी शीना बोरा की कथित तौर पर हत्या के मामले में मुकदमे का सामना कर रहीं इंद्राणी अगस्त 2015 में गिरफ्तारी के बाद मुंबई की भायखला महिला जेल में बंद है।
इंद्राणी ने जेल से सीबीआई को एक पत्र भेजा था जिसमें कहा गया था कि शीना बोरा जिंदा है। उन्होंने सीबीआई से जेल की एक कैदी का बयान दर्ज करने को कहा, जिसने दावा किया था कि वह कश्मीर में शीना से मिली थी।
जांच एजेंसी को लिखे अपने पत्र में, इंद्राणी ने कहा है कि वर्तमान में भायखला जेल में एक कैदी ने उन्हें बताया था कि उसने कुछ समय पहले कश्मीर में शीना को देखा था। इंद्राणी ने अपने पत्र में सीबीआई से शीना के जिंदा होने की संभावना पर गौर करने का अनुरोध किया है। इंद्राणी ने हमेशा कहा है कि शीना की हत्या नहीं हुई है और वह जीवित है और 2012 में अपनी शिक्षा के लिए विदेश गई थी, हालांकि इंद्राणी कभी भी अपने दावों को साबित नहीं कर पाईं।
सीबीआई मुंबई पुलिस से मामला अपने हाथ में लेने के बाद 2015 से शीना बोरा मामले की जांच कर रही है। मुंबई पुलिस द्वारा दर्ज मामले के अनुसार, शीना बोरा का अप्रैल 2012 में अपहरण कर हत्या कर दी गई थी। यह मामला पहली बार अगस्त 2015 में इंद्राणी के ड्राइवर श्यामवर राय की गिरफ्तारी के बाद सामने आया था। जांच के दौरान, उसने कबूल किया उसने अप्रैल 2012 में शीना बोरा की हत्या कर दी थी और कहा था कि उसने उसके शव को महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में फेंक दिया था। उसने मुंबई पुलिस को यह भी बताया था कि शीना की मां इंद्राणी और संजीव खन्ना (इंद्राणी के पूर्व पति) भी इस हत्या में शामिल थे।
अदालत के समक्ष सीबीआई के मामले के अनुसार, इंद्राणी ने शीना बोरा की हत्या इसलिए की क्योंकि वह शीना बोरा, जिसे उसने अपनी बहन के रूप में सबके सामने पेश किया था, और पीटर मुखर्जी (इंद्राणी मुखर्जी के तीसरे पति) की पहली पत्नी के बेटे राहुल मुखर्जी के बीच संबंधों को लेकर गुस्से में थी। सीबीआई के अनुसार, इंद्राणी ने शीना बोरा की हत्या इसलिए की क्योंकि शीना उसे सार्वजनिक रूप से उजागर करने की धमकी दे रही थी कि वह उसकी बहन नहीं है, बल्कि उसकी बेटी है। इस मामले में चालक श्यामवर राय सरकारी गवाह बना। पीटर मुखर्जी को मार्च 2020 में सीबीआई की एक विशेष अदालत ने जमानत दे दी थी। मामले की सुनवाई के दौरान, इंद्राणी और पीटर ने अपने रिश्ते को भी खत्म करने का फैसला किया। अक्टूबर 2019 में उन्हें मुंबई की एक फैमिली कोर्ट ने तलाक दे दिया।

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