कोर्ट में सुनवाई से पहले प्रदर्शन, कॉलेज में दोनों पक्षों के विरोध से बढ़ा तनाव

 कोर्ट में सुनवाई से पहले प्रदर्शन, कॉलेज में दोनों पक्षों के विरोध से बढ़ा तनाव

कर्नाटक के कॉलेज में हिजाब पहनने और भगवा पट्टा डालने का विवाद बढ़ता ही जा रहा है। आज कर्नाटक उच्च न्यायालय में इस मामले की सुनवाई होनी है। इससे पहले कर्नाटक में हिजाब बनाम भगवास्कार्फ विवाद के बीच दो कॉलेजों ने किसी भी सांप्रदायिक परेशानी से बचने के लिए कल छुट्टी घोषित कर दी थी, जबकि एक कॉलेज ने हिजाब पहनी हुई छात्राओं के अलग कक्षाओं में बैठने की अनुमति दी।
दरअसल, सुनवाई से पहले महात्मा गांधी मेमोरियल कॉलेज में प्रदर्शन शुरू हो गया। हिजाब पहनी छात्राओं के विरोध में भगवा स्कार्फ डाले छात्र आ गए और नारेबाजी करने लगे। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और प्रदर्शन तेज हो गया।
मामला बढ़ात देख सीएम बसवराज बोम्मई का बयान सानमे आया है, उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। सीएम ने कहा है कि मामला आज हाई कोर्ट में पेश किया जाएगा। उसका इंतजार करें और बच्चों को पढऩे दिया जाए। इससे पहले भी सीएम ने शांति बनाए रखने की अपील की थी। हालांकि, उन्होंने कहा था कि हाईकोर्ट का फैसला आने तक नए यूनिफार्म लॉ का पालन सख्ती से करवाया जाए।
कर्नाटक के उडुपी में हिजाब विवाद मामले में आज हाई कोर्ट सुनवाई करेगा। यह सुनवाई पांच लड़कियों की ओर से दायर की गई याचिका पर होने जा रही है। दरअसल, इन छात्राओं की ओर से नए यूनिफार्म लॉ का विरोध करते हुए याचिका दायर की गई थी। अब नए नियम के तहत कॉलेजों में हिजाब पहनने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
दअरसल, उडुपी में एक जनवरी को सरकारी प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज में छह मुस्लिम छात्राओं को कक्षाओं में जाने से रोक दिया गया। ये सभी छात्राएं हिजाब पहने हुई थीं। कॉलेज प्रबंधन ने प्रतिबंध लगाने के पीछे नए यूनिफार्म लॉ का हवाला दिया। यह मुद्दा अब उडुपी के अन्य सरकारी कॉलेजों में भी फैल चुका है। कुंदापुरा कॉलेज की 28 मुस्लिम छात्राओं को भी हिजाब पहनकर कक्षाओं में शामिल नहीं होने दिया गया। इसके बाद से कई छात्राएं हिजाब पर प्रतिबंध लगाए जाने का विरोध कर रही हैं।
इससे पहले कर्नाटक के शिक्षा मंत्री बीसी नागेश ने कहा था कि समान वर्दी संहिता का पालन न करने वाली छात्राओं को अन्य विकल्प तलाशने की छूट है। नागेश ने मैसुरु में था, ‘‘जैसे सेना में नियमों का पालन किया जाता है, वैसा ही यहां (शैक्षणिक संस्थानों में) भी किया जाता है। उन लोगों के लिए विकल्प खुले हैं जो इसका पालन नहीं करना चाहते।’’ मंत्री ने छात्रों से राजनीतिक दलों के हाथों का ‘‘हथियार’’ न बनने की अपील की।
कर्नाटक के हिजाब मुद्दे पर पूर्व प्रधानमंत्री और जनता दल-सेक्युलर (जेडीएस) के अध्यक्ष एचडी देवेगौड़ा ने कहा कि कुछ ऐसे तत्व हैं जो छात्रों को गुमराह कर रहे हैं और राजनीतिक दल 2023 के चुनाव का फायदा उठा रहे हैं। सरकार इसे रोक सकती है। इस तरह के मुद्दे देश को बांटते हैं।

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