शराब की बिक्री बढ़ी फिर भी राजस्व में भारी कमी भ्रष्टाचार के घोटाले का प्रमाण है : रमेश बिधूड़ी

 शराब की बिक्री बढ़ी फिर भी राजस्व में भारी कमी भ्रष्टाचार के घोटाले का प्रमाण है : रमेश बिधूड़ी

दिल्ली प्रदेश भाजपा की ओर से  नई आबकारी नीति में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया द्वारा किए भ्रष्टाचार के खिलाफ दिल्ली के विभिन्न मेट्रो स्टेशनों पर हैंडबिल बांटे और मेट्रो में सफर कर रहे यात्रियों से दिल्ली की केजरीवाल सरकार के भ्रष्टाचार को लेकर उनकी राय ली। नेता प्रतिपक्ष श्री रामवीर सिंह बिधूड़ी ने विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन के बाहर सिसोदिया द्वारा किए भ्रष्टाचार को उजागर करता हैंडविल बांटने के उपरांत पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि दिल्ली की जनता को भी पता होना चाहिए कि आखिर झूठे प्रचार के सहारे अपनी राजनीति चमका रहे केजरीवाल की असली करतूत क्या है। रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि हमारा केजरीवाल से साफ और स्पष्ट रुप से सवाल है जिसका जवाब अगर केजरीवाल दें तो शायद दिल्ली की जनता को आधे से अधिक बातों का जवाब मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली में नई आबकारी नीति के बारे इतनी तारीफ करने वाले और इसे राजस्व के लिए फायदें की नीति बताने वाले केजरीवाल और सिसोदिया ने आखिर इसे वापस क्यों ले लिया? इतना ही नहीं केजरीवाल कहते हैं कि शराब के ठेकों की संख्या नहीं बढाई गई, लेकिन गली-गली में शराब के लगभग 850 से अधिक ठेके क्यों खोल दिये? रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि विधानसभा में खुद मनीष सिसोदिया कहते थे कि दिल्ली के 100 वार्ड हैं जहां शराब के ठेके नहीं खोले जा सकते, लेकिन उसके बावजूद मास्टर प्लान का उलंघन कर आपने शराब के ठेके क्यों खोले। उन्होंने कहा कि आज दिल्ली की जनता जानना चाहती है कि जब कुलविंदर मारवाह जो खुद एल-1 का ठेकेदार है, ने स्टिंग ऑपरेशन में पैसों की लेन-देन की जानकारी दे दी तो केजरीवाल सरकार अभी तक सिसोदिया को मंत्रिमंडल में क्यो बनाई हुई है। मनोज तिवारी ने आज लक्ष्मी नगर मेट्रो स्टेशन के बाहर पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि रेवड़ी और बेवड़ी आम आदमी पार्टी की सरकार अब चुप्पी साध चुकी है क्यों कि जो चोरी करता है उसके पास बोलने के लिए कुछ नहीं होता लेकिन सरकार चुप्पी साध सकती है, जनता नहीं। उन्होंने कहा कि आज दिल्ली की गली-गली में लोग एक ही नारा लगा रहे हैं कि मनीष सिसोदिया चोर हैं, लेकिन बावजूद उसके केजरीवाल ने भाजपा और जनता के सवालों का अभी तक जवाब नहीं दिया है क्योंकि उन्हें फंसने का डर सता रहा है। इसलिए मुद्दे को भटकाने के लिए वे तरह-तरह के पैतरे बदल रहे हैं। मनोज तिवारी ने कहा कि आज जिन टैक्स पेयर्स के पैसों से दिल्ली की जनता का भला होना था उसे शराब माफियाओं को देकर पिछली गली से अपने अकाउंट में मंगा रहे हैं। इसलिए जब तक ऐसे लोगों की बर्खास्तगी नहीं होगी तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि जब सवाल पूछा जा रहा है तो वे दिल्ली छोडक़र भाग जाते हैं। एसवाईएल पर चुप्पी साधने वाले केजरीवाल और उनकी पार्टी आखिर कब तक भागते रहेंगे। रमेश बिधूड़ी ने कहा कि नई आबकारी नीति में शराब की बिक्री में दोगुने से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई, लेकिन राजस्व में 3000 करोड़ का कैसे नुकसान हो गया? शराबमाफियों को फायदा पहुँचने के लिए कमीशन को 2 फीसदी से 12.5 फीसदी क्यों कर दिया? ये सारे सवाल केजरीवाल और उनके चहेते मनीष सिसोदिया से तबतक पूछे जाएंगे जब तक वे इसका जवाब नहीं दे देते या फिर अपनी चोरी स्वीकार कर सिसोदिया को बर्खास्त नहीं कर देते। उन्होंने कहा कि स्वराज नामक पुस्तक में केजरीवाल ने खुद ही लिखा है कि किसी भी क्षेत्र में शराब के ठेके खोलने से पहले वहां की महिलाओं और आरडब्ल्यूए संगठन से पूछकर फैसला लिया जाएगा, लेकिन नई आबकारी नीति के तहत गली-गली में शराब के ठेके खोलने के लिए किससे अनुमति ली गई?

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