बच्चों के लिए पौष्टिक आहार व विटामिन की व्यवस्था होनी चाहिए : प्रो. करुणा चांदना

 बच्चों के लिए पौष्टिक आहार व विटामिन की व्यवस्था होनी चाहिए : प्रो. करुणा चांदना

गाजियाबाद। केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के तत्वावधान में कुपोषण की समस्या और समाधान विषय पर ऑनलाइन गोष्ठी का आयोजन किया गया।
मुख्य वक्ता प्रो. करूणा चांदना ने कहा कि कुपोषण का अर्थ केवल भोजन की कमी से नहीं है अपितु गलत जीवन शैली, गलत असमय खान पान व अनियमित दिनचर्या भी उसके कारण है। प्रतिवर्ष लगभग 3 लाख बच्चे प्रोटीन कैलोरी कुपोषण से मरते हैं। इसके अतिरिक्त विटामिन ए की कमी से होने वाला रतौंधी लोहे की कमी से होने वाला एनीमिया भी भारत जैसे विकासशील देश में बहुत प्रचलित है। उन्होंने कहा कि कुपोषण के मुख्य कारण गरीबी, अधिक जनसंख्या, खाद्य पदार्थों का सीमित होना, गर्भावस्था में मां को उचित पोषण ना मिलना, जंक फूड, बोतल बन्द फूड, फ्रोजन फूड आदि खानपान तथा पेस्टिसाइड्स फर्टिलाइजर्स युक्त मिलावटी खाना आदि कारण है। उन्होंने कहा कि समाधान पोषण विज्ञान पहली से पांचवी क्लास तक पाठ्यक्रम का हिस्सा होना चाहिए। गर्भवती महिला को संतुलित आहार देना चाहिए। घरों में किचन गार्डन बनाए जाएं ताकि ताजे फल और सब्जियां खा सकें। उन्होंने कहा कि प्राइमरी स्कूलों में मिड डे मील की सुंदर व्यवस्था होनी चाहिये, ऐसा करने से बहुत हद तक हम कुपोषण से लड़ सकते हैं। साथ-साथ समय पर उठना व समय पर सोना साथ ही भोजन लेना भी आवश्यक है। केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने कहा कि जिस देश का बचपन भूखा हो, उस देश की जवानी क्या होगी, इसलिए सरकार व सामाजिक संस्थाओं को बच्चों को उचित आहार, विटामिन आदि उपलब्ध करवाने के लिए उत्तदायित्व लेना चाहिए। मुख्य अतिथि सोनीपत से आर्य नेता उमेश भूटानी व अध्यक्ष शशिकांता कस्तूरिया ने भी विचार रखे। इस दौरान राष्ट्रीय मंत्री प्रवीण आर्य ने सभी को धन्यवाद ज्ञापन दिया। इस अवसर पर गायक रविन्द्र गुप्ता, प्रवीना ठक्कर, रचना वर्मा, कमलेश मोंगा (केन्या नैरोबी), सुदर्शन चौधरी, संतोष धर, कमला हंस, कौशल्या अरोड़ा, कुसुम भंडारी, ईश्वर देवी आदि ने मधुर भजन गाए।
फोटो 8 संलग्न है।

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