विराट के लिए कौन होगा बाहर, रहाणे, पुजारा या मयंक

 विराट के लिए कौन होगा बाहर, रहाणे, पुजारा या मयंक

मुंबई।  भारतीय कोच के रूप में राहुल द्रविड़ अपने दूसरे ही टेस्ट मैच में संकट में फंसते नजर आ रहे हैं। द्रविड़ को यह मुश्किल फैसला लेना है कि पूर्णकालिक कप्तान विराट कोहली की टीम में वापसी के बाद एकादश में उनकी जगह बनाने के लिए अजिंक्या रहाणे, चेतेश्वर पुजारा या मयंक अग्रवाल में से किसकी बलि चढ़ेगी।
पहले टेस्ट में श्रेयस अय्यर ने 105 और 65 की शानदार पारियों को खेलकर ना सिफऱ् भारत को संकट से उबारा बल्कि उन्हें जीत के दहलीज तक पहुंचाया। इसलिए उन्हें बाहर करना काफ़ी कठिन होगा, ख़ासकर तब जब भारत के तीन प्रमुख मध्यक्रम बल्लेबाज़ों का पिछले दो साल का औसत सिफऱ् 27.3 है। भारतीय टीम प्रबंधन के पास तीन विकल्प हैं।
पिछले मैच में कप्तान रहे अजिंक्या रहाणे का पिछले 16 टेस्ट मैचों में औसत सिफऱ् 24.39 का रहा है। इसमें एक शतक भी शामिल है। उनका करियर औसत अब 40 से भी कम हो गया है। घर पर उनका औसत सिफऱ् 35.73 है, जो पिछले पांच सालों में और कम होकर सिफऱ् 30.08 रह गया है।भारतीय टीम प्रबंधन के लिए यह सबसे आसान विकल्प होगा कि वह रहाणे को बाहर करें, विराट अपने पुराने बल्लेबाज़ी क्रम नंबर चार पर आएं और अय्यर कानपुर टेस्ट की ही तरह नंबर पांच पर उतरें।
चेतेश्वर पुजारा ने 2014-15 में मेलबोर्न टेस्ट में मैच बचाने वाली पारी खेली थी, लेकिन अगले सिडनी टेस्ट में वह टीम में नहीं थे। 2015 में उन्होंने श्रीलंका में एक हरी-भरी कठिन पिच पर शतक बनाया लेकिन एक घरेलू सीरीज़ में अच्छा ना करने के कारण उन्हें अगले वेस्टइंडीज़ दौरे पर टीम में जगह नहीं मिली। लेकिन अब पुजारा को शतक लगाए हुए लगभग तीन साल हो गए हैं। इस दौरान उन्होंने 23 मैचों में सिफऱ् 28.61 की औसत से रन बनाए हैं। हां, उन्होंने बीच-बीच में कुछ अच्छी पारियां ज़रूर खेली हैं लेकिन उनके कद को देखते हुए वे नाकाफ़ी हैं।
मयंक अग्रवाल को कोहली के लिए जगह खाली करना पड़े:अगर ऐसा होता है तो यह मयंक के साथ अन्याय जैसा होगा। 15 टेस्ट में उनका औसत 43.28 का है। उन्होंने घर पर दक्षिण अफ्ऱीका और बंगलादेश के ख़िलाफ़ दोहरा शतक भी बनाया है। वहीं विदेशों में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ़ दो टेस्ट मैच खेलने के बाद उन्हें ऑस्ट्रेलिया में रोहित शर्मा के लिए जगह खाली करनी पड़ी। इसके बाद वह इंग्लैंड दौरे पर चोटिल हो बैठे। इसलिए अगर एक टेस्ट के बाद ही उन्हें बाहर बैठाया जाता है तो उनके साथ यह अन्याय होगा।
फि़लहाल विकेटकीपर ऋद्धिमान साहा का फि़टनेस संदेह के घेरे में है। अगर वह पूरी तरह फि़ट नहीं होते हैं तो केएस भरत उनकी जगह लेंगे, जो कि अपनी 123 प्रथम श्रेणी परियों में 77 बार ओपनिंग कर चुके हैं। उनके नाम ओपनर के तौर पर एक तिहरा शतक और तीन शतक शामिल है।
अगर साहा फि़ट भी होते हैं तो भी टीम प्रबंधन यह निर्णय ले सकती है। हालांकि उन्होंने दूसरी पारी के दौरान गर्दन के दर्द के बाद भी एक बेहतरीन पारी खेली थी और उन्हें बाहर बैठाना आसान नहीं होगा।

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