इनोवेशन में दून कैंट बोर्ड देश में सबसे आगे

 इनोवेशन में दून कैंट बोर्ड देश में सबसे आगे

देहरादून। इनोवेशन में दून कैंट बोर्ड देश में सबसे आगे है। इसके लिए कैंट बोर्ड को राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने शनिवार को ये पुरस्कार डिप्टी जीओसी अनीर बन दत्ता तथा कैंट बोर्ड की सीईओ तनु जैन को संयुक्त रूप से दिया। कैंट बोर्ड ने प्लास्टिक कचरे के निस्तारण का एक नायाब तरीका निकाला है। इसे अब ईको ब्रिक्स में तब्दील कर निर्माण कार्यों में इस्तेमाल किया जा रहा है।
कैंट बोर्ड की सीईओ तनु जैन ने खुशी जाहिर करते हुए समस्त स्टॉफ एवं क्षेत्रवासियों का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि कैंट बोर्ड को स्वच्छ सर्वेक्षण 2020-21 के तहत नवाचार और सर्वोंत्तम प्रथाओं के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार मिला है। उन्होंने बताया कि 62 छावनियों में से आठ छावनियों को राष्ट्रपति पुरस्कार मिला है। इनमें से उत्तराखंड राज्य के दो छावनी शामिल है। दून कैंट बोर्ड और लैंसडाउन। सीईओ तनु जैन ने कहा कि इनोवेशन में दून कैंट बोर्ड को पहला रैंक मिला है। उन्होंने कहा कि कैंट बोर्ड प्लास्टिक की खाली बेकार बोतलों से ईको ब्रिक्स बनाने का काम कर रहा है। इन बोतलों में प्लास्टिक वेस्ट भरना होता है और एक बार संकुचित करना होता है। ऐसा करने से एक ठोस उत्पाद तैयार हो जाता है। जो काफी मजबूत होता है। इन्हें ईंटों की जगह इस्तेमाल किया जाता है। अभीतक कैंट बोर्ड ने प्लास्टिक की साढ़े चार हजार बोतल और छह हजार किलोग्राम प्लास्टिक कचरा इस्तेमाल में ला चुका है। इससे प्रेमनगर स्थित कैंट जूनियर हाईस्कूल और गढ़ी स्थित ब्लूमिंग बड्स स्कूल में पेड़ का चबूतरा,बेंच व स्टूल आदि तैयार किए गए हैं।

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