सुपर-25 वीरगाथा पुरस्कार विजेताओं में कोटद्वार की आदिशा ग्रोवर भी शामिल

 सुपर-25 वीरगाथा पुरस्कार विजेताओं में कोटद्वार की आदिशा ग्रोवर भी शामिल

कोटद्वार। उत्तराखंड की बेटी व कोटद्वार निवासी छात्रा आदिशा ग्रोवर रक्षा मंत्रालय और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से दिए गए वीरगाथा परियोजना के सुपर-25 पुरस्कार विजेताओं में से चयनित हुई हैं। उत्तराखंड का मान बढ़ाने वाली आदिशा को इस पुरस्कार के लिए देश भर के 8 लाख प्रतियोगियों में से चयनित किया गया है। इस पुरस्कार के लिए कुल 25 छात्रों को विजेता चुना गया है। आदिशा को कक्षा 11 और 12 के छात्रों की श्रेणी में चुना गया है। वह वर्तमान में हरिद्वार में आचार्य कुलम पतंजलि योगपीठ की छात्रा हैं, लेकिन मूल रूप से कोटद्वार की रहने वाली हैं। वह प्रसिद्ध उद्योगपति और कोटद्वार से प्रकाशित हिंदी दैनिक लोक संहिता के संपादक विभुग्रोवर की बेटी हैं। आदिशा सुपर-25 में चयनित होने वाली उत्तराखंड की एकमात्र छात्रा हैं और वह गणतंत्र दिवस परेड में राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगी। आदिशा रक्षा मंत्रालय और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित वीर गाथा प्रतियोगिता में भाग लेने वाले 4788 स्कूलों के 8,03,978 प्रतियोगियों में शामिल थीं और वह इस पुरस्कार के लिए चयनित कुल 25 विजेताओं में शामिल हैं। विजेताओं को रक्षा मंत्रालय ने सुपर-25 का नाम दिया है। आदिशा को उनकी उस पेंटिंग के लिए विजेता चुना गया है जो उन्होंने देश के लिए अपनी जान की बाजी लगा देने वाले फौजियों के सम्मान में बनाई थी। सुपर-25 विजेताओं के बीच चुने जाने के परिणामस्वरूप, वह इस महीने के अंत में 26 जनवरी के समारोह में गणतंत्र दिवस के अवसर पर रक्षा मंत्रालय की अति सम्मानित अतिथि होंगी। वीर गाथा पुरस्कार विजेताओं को गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर नई दिल्ली में रक्षा मंत्रालय द्वारा सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा वे इस साल गणतंत्र दिवस परेड में रक्षा मंत्रालय के विशेष अतिथि भी होंगे। उल्लेखनीय है कि भारत की स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में अमृत महोत्सव के तहत इस वर्ष गणतंत्र दिवस के लिए कई विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। वीर गाथा परियोजना ऐसी ही एक विशेष परियोजना है। वीर गाथा परियोजना के तहत एक देशव्यापी प्रतियोगिता आयोजित की गई थी जिसमें 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों के 4,788 स्कूलों ने प्रतिभाग किया था। रक्षा मंत्रालय के अनुसार प्रतियोगिता का आयोजन स्कूल जाने वाले बच्चों में देशभक्ति की भावना पैदा करने के साथ-साथ हमारे युद्ध नायकों को श्रद्धांजलि देने के उद्देश्य से किया गया है। रक्षा मंत्रालय ने यह भी कहा कि कई राउंड की कड़ी परीक्षा के बाद विजेताओं का चयन किया गया है।

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