मेटा ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए भारत में सुरक्षा पहलों की घोषणा

 मेटा ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए भारत में सुरक्षा पहलों की घोषणा

देहरादून। विभिन्न प्लेटफॉमर््स पर यूजर्स को सुरक्षित ऑनलाइन अनुभव देने की दिशा में सुरक्षा मेटा की प्रतिबद्धता का अभिन्न हिस्सा रही है। इन वर्षो में कंपनी ने यूजर्स को ऑनलाइन सुरक्षित रखने के लिए इंडस्ट्री का नेतृत्व करने वाली कई पहलें की हैं। यूजर्स की सुरक्षा को और बढ़ाने की कवायद में, मेटा ने आज कई पहलों की घोषणा की, जिसका उद्देश्य अपने प्लेटफॉमर््स पर महिलाओं की ऑनलाइन सुरक्षा प्रदान करना है। मेटा द्वारा घोषित यह एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उददेश्य आपसी सहमति के बिना पोस्ट की गई अंतरंग तस्वीरों के प्रसार को रोकना है। यूके रिवेंज पोर्न हेल्पलाइन के साथ साझेदारी में र३ङ्मस्रठउकक.ङ्म१ॠ की बुनियाद मेटा के एक इमरजेंसी प्रोग्राम एनसीआईआई पायलट पर रखी गई है,जो संभावित पीड़ितों को अपनी अंतरंग तस्वीरों को हैश करने की इजाजत देता है, जिससे उनका हमारे प्लेटफॉर्म पर प्रसारण न किया जा सके। भ् वुमन्स सेफ्टी हब- इसे हिंदी तथा 11 अन्य भारतीय भाषाओं में लॉन्च किया गया। वुमन सेफ्टी हब भारत में ज्यादा से ज्यादा महिला यूजर्स को अपनी सुरक्षा के लिए टूल्स और रिसोर्सेज के बारे में जानकारी देने में सक्षम बनाएगा, जिससे उन्हेंल अपने सोशल मीडिया एक्समपीरियंस के दौरान ऑनलाइन सुरक्षित रहने में मदद मिलेगी। मेटा की यह प्रमुख पहल खासतौर पर उन लाखों महिलाओं के लिए की गई है, जो अंग्रेजी बोलती और समझतीं नहीं है। यह पहल सुनिश्चित करेगी कि इन महिलाओं को भाषा की रुकावटों का सामना न करना पड़े और वे आसानी से सूचना हासिल कर सके, जो उन्हें ऑनलाइन सुरक्षित रखने में सक्षम बनाएगी। भ् पॉइंट ऑफ व्यू की कार्यकारी संपादक बिशाखा दत्ता और सेंटर फॉर सोशल रिसर्च में मीडिया एंड कम्युनिकेशन्स विभाग की हेड ज्योति वढेरा मेटा ग्लोबल वुमन सेफ्टी एक्सपर्ट एडवाइजर्स की पहली भारतीय सदस्य हैं। इस ग्रुप में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों के 12 गैर लाभकारी नेता, कार्यकर्ता और शैक्षणिक विशेषज्ञ शामिल हैं, जिसके साथ विचार-विमर्श कर मेटा अपनी ऐप्स पर महिलाओं की बेहतर ढंग से मदद के लिए नई नीतियां, प्रॉडक्ट्स और प्रोग्राम का निर्माण करता है। इस अवसर पर सत्व कंसंलटिंग की ओर से ह्लकनेक्ट, कोलैबोरेट एंड क्रिएट : वुमन एंड सोशल मीडिया ड्यूरिंग द पैनेडमिकह्व पर परिचर्चा पत्र (डिस्कशन पेपर) रिलीज किया, जिसका शीर्षक ह्लकनेक्ट, कोलैबोरेट एंड क्रिएट : वुमन एंड सोशल मीडिया ड्यूरिंग द पैनेडमिकह्व था। मेटा की ओर से बनाए गए ग्रुप से जारी किया यह पेपर भारत में सोशल मीडिया पर मौजूद भारी लैंगिक असामानता का मुकाबला करने के उपायों पर प्रकाश डालेगा। मेटा प्लेटफॉम्र्स इंक में ग्लोबल सेफ्टी पॉलिसी की निदेशक करुणा नैन ने कहा, ह्लमेटा में सुरक्षित ऑनलाइन अनुभव का माहौल बनाना हमेशा हमारी प्राथमिकता और प्रतिबद्धता रही है। महिलाओं को सुरक्षित रखने के लिए किए गए हमारे प्रयास इंडस्ट्री को नई राह दिखा रहे हैं। हम ऑनलाइन सुरक्षित माहौल बनाना सुनिश्चित करने के लिए लगातार नए-नए उपाय करते रहते हैं। आज इस पहल की पेशकश हमारी प्रतिबद्धता की दिशा में अगला कदम है। हमें पूरा विश्वास है कि हमारे लगातार बढ़ते सुरक्षा उपायों से महिलाएं सोशल मीडिया का आंनद उठाएंगी, जो उन्हें चुनौतियों के बिना नई-नई बातें सीखने, एक-दूसरे से जुड़ने और आगे बढ़ने में सक्षम बनाएगा। ग्लोबल लेवल पर शुरू किए गए, र३ङ्मस्रठउकक.ङ्म१ॠ को सुरक्षा, गोपनीयता और यूजर्स को पूरी सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाया गया है। यूके रिवेंज पोर्न हेल्पलाइन की ओर से संचालित और मेटा द्वारा निर्मित र३ङ्मस्रठउकक.ङ्म१ॠ दुनिया भर में महिलाओं को बिना आपसी सहमति के अंतरंग तस्वीरों (एनसीआईआई) के प्रसार और फैलाव पर रोक लगाएगा। अपनी तरह के पहले प्लेटफॉर्म ने एनसीआईआई से पीडित महिलाओं को समर्थन देने के लिए ग्लोबल संगठनों से साझेदारी की है। भारत में इस प्लेटफॉर्म ने कई संगठनों, जैसे सोशल मीडिया मैटर्स, सेंटर फॉर सोशल रिसर्च और रेडडॉट फाउंडेशन से साझेदारी की है। मेटा के सेफ्टी एक्सपर्ट एडवाइजरी बोर्ड में भारतीय सदस्यों की नियुक्ति पर करुणा ने कहा, ह्लभारत हमारे लिए महत्वपूर्ण बाजार है। विशाखा और ज्योति के वुमन्स सेफ्टी एक्सपर्ट एडवाइजरी ग्रुप में आने से हमें भारत में महिलाओं के लिए अपने प्लेटफॉमर््स को सुरक्षित बनाने के प्रयासों को रफ्तार मिलेगी।

 

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