अब तो हद हो गयी, आबादी वाले जिले टीकाकरण में पिछड़े

 अब तो हद हो गयी, आबादी वाले जिले टीकाकरण में पिछड़े

देहरादून। उत्तराखंड के ज्यादा आबादी वाले जिले टीकाकरण में पिछड़ गए हैं। इससे दिसंबर तक शत-प्रतिशत आबादी को कोरोनारोधी टीके की दोनों डोज देने का लक्ष्य हासिल होना मुश्किल दिख रहा है। सरकार ने 15 दिसंबर तक सभी लोगों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा है। लेकिन, बड़े जिलों में धीमी गति से हो रहे टीकाकरण से यह लक्ष्य समय पर हासिल होना मुश्किल लग रहा है।
हरिद्वार में अब तक महज 42 प्रतिशत लोगों को ही कोरोनारोधी टीके की दूसरी डोज लग पाई है। यूएसनगर में अभी तक सिर्फ 39 प्रतिशत लोगों को ही दूसरी डोज लग पाई है। विदित है कि उत्तराखंड में हरिद्वार और यूएसनगर बड़े जिलों की श्रेणी में आते हैं। पहाड़ी क्षेत्रों से तुलना करें तो राजधानी देहरादून भी टीकाकरण में पीछे चल रहा है। देहरादून में अभी तक 57 फीसदी लोगों को दूसरी डोज लगी है। जबकि नैनीताल में 52 प्रतिशत को दूसरी डोज लग पाई है।
बागेश्वर, चमोली और रुद्रप्रयाग जिले टीकाकरण में बहुत बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। इन जिलों को देश में सबसे पहले टीकाकरण वाले जिलों में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। जिन जिलों में अभी कम टीकाकरण हुआ है, वहां फोकस करने को कहा गया है। हमें उम्मीद है कि दिसंबर तक सबका टीकाकरण कर लिया जाएगा।
डॉ. धन सिंह रावत, स्वास्थ्य मंत्री
पहाड़ में स्थिति बेहतर
टीकाकरण की दृष्टि से पहाड़ी जिलों की स्थिति बेहतर है। बागेश्वर जिला 80 प्रतिशत टीकाकरण के करीब पहुंच गया है। जबकि चमोली में 75 तो रुद्रप्रयाग में 72 प्रतिशत लोगों को दूसरी डोज लग चुकी है। बाकी पहाड़ी जिलों की स्थिति भी मैदानी जिलों से बेहतर है।
सात नए मरीज मिले
उत्तराखंड के दस जिलों में सोमवार को कोरोना का एक भी नया मरीज नहीं मिला। जबकि, तीन जिलों में कुल सात नए मरीज सामने आए। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को देहरादून में चार, नैनीताल में दो और हरिद्वार में एक मरीज में कोरोना की पुष्टि हुई। जबकि, 11 मरीज इलाज के बाद ठीक हुए।

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